पंजाब में ऑपरेशन प्रहार-2.0, 12000 पुलिसकर्मी फील्ड में:जगह-जगह नाकेबंदी; डीजीपी बोले- गलत राह पर निकले युवक सरेंडर करें
पंजाब पुलिस आज (9 फरवरी को) अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार 2.0 सुबह 8 बजे से जारी है। जो अगले 72 घंटे तक चलेगा। इस दौरान नशा तस्करों और गैंगस्टरों पर पुलिस की कड़ी नजर है। पूरे प्रदेश में जगह-जगह नाकेबंदी की हुई है।
इसके साथ ही 12 हजार पुलिसकर्मियों की 2 हजार टीमें फील्ड में उतारी गईं हैं और सभी थानों को जिला कंट्रोल रूमों से जोड़ा गया है। जहां किसी भी घटना के बाद उस पर त्वरित एक्शन प्लान बनेगा
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब में अपराधियों की कोई जगह नहीं है। जो युवा गलत राह पर निकल चुके हैं, अगर वे सरेंडर करना चाहते हैं, तो उन्हें पूरा मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन से सीनियर अधिकारी, जो इंचार्ज हैं, उनकी अकाउंटेबिलिटी और रिस्पॉन्सिबिलिटी तय की जाएगी। एसएसपी की परफॉर्मेंस का भी मूल्यांकन होगा, और उनके अधीन कार्यरत स्टाफ की परफॉर्मेंस भी चेक की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन प्रहार का फेज-1 20 जनवरी से शुरू हुआ था। इस दौरान 5,290 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जबकि 2,973 प्रिवेंटिव डिटेंशन हुईं। 5,413 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। डीजीपी ने कहा कि 7000 हथियारों के लाइसेंस कैंसिल किए जाएंगे।
अपराधियों की लिस्ट तैयार
ऑपरेशन प्रहार 2.0 के लिए पुलिस की तरफ से स्पेशल स्ट्रेटजी बनाई गई है। सभी जिलों में अपराधियों की सूची, हॉट स्पॉट एरिया, उनके करीबी और मददगारों की लिस्ट तैयार की गई है। उसी आधार पर यह ऑपरेशन चलाया जा रहा है। डीजीपी ने कहा कि अपराधियों को ग्लोरिफाई नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने जो काम किए हैं, उसके लिए उन्हें सजा दी जाएगी। हालांकि, जब ऑपरेशन प्रहार-1 चलाया गया था, उस समय शातिर लोगों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्टें डालकर इसे डिरेल करने की कोशिश की थी, लेकिन ऑपरेशन काफी कामयाब रहा था।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ऑपरेशन प्रहार 2.0 बारे जानकारी देते हुए। फाइल फोटो
ऑपरेशन इसलिए भी अहम
ऑपरेशन प्रहार 2.0 ऐसे समय में हो रहा है, जब हाईकोर्ट कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार से जवाब तलब कर चुका है। मोहाली में एसएसपी दफ्तर और चंडीगढ़ में हुए आप नेता की हत्या के मुख्य आरोपी अभी तक फरार हैं। विरोधी दल कानून व्यवस्था के मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहे हैं। ऐसे में यह ऑपरेशन काफी अहम है।
प्रहार-1 में 13 हजार लोगों पर हुई कार्रवाई
ऑपरेशन प्रहार का फेज-1 20 जनवरी से शुरू हुआ था। इस दौरान कुल 12 हजार से अधिक लोगों पर कार्रवाई की गई। इसमें 5,290 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2,973 प्रिवेंटिव डिटेंशन की गईं। 5,413 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।